पानीपत में पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार: आतंकी इकबाल को भेजता था खुफिया जानकारी, यूपी का रहने वाला है आरोपी

आतंकी इकबाल को भेजता था खुफिया जानकारी, यूपी का रहने वाला है आरोपी
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गिरफ्तार किया गया जासूस नौमान इलाही कैराना का रहने वाला है। वह आतंकी इकबाल को व्हाट्सएप से खुफिया जानकारी भेजता था। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के बाद पकड़ा।

हरियाणा के पानीपत जिले से पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तानी जासूस होने का संदेह है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पकड़ा गया व्यक्ति नौमान इलाही है। वह पाकिस्तान स्थित आतंकी इकबाल के संपर्क में था और उसे व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भारत की खुफिया जानकारी भेज रहा था।

संदिग्ध गतिविधि के बाद गिरफ्तारी

पुलिस ने नौमान इलाही के मोबाइल नंबर से हो रही संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के बाद उसे हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में यह सामने आया है कि नौमान इलाही मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला है और पानीपत में एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। पानीपत पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है और बताया है कि उनकी सीआईए (क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) यूनिट आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।

बहन के पास आया, फैक्ट्री में की नौकरी

मिली जानकारी के अनुसार 24 वर्षीय नौमान इलाही उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा का निवासी है। उसकी बहन जीनत की शादी पानीपत में हुई है, जो यहां हॉली कॉलोनी में रहती है। नौमान भी अपनी बहन के पास ही रह रहा था। पानीपत आने के बाद उसने सबसे पहले सेक्टर 29 स्थित एक फैक्ट्री में नौकरी की थी।

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जांच में आया नाम

पानीपत पुलिस सूत्रों के अनुसार, 6-7 मई की रात भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' एयर स्ट्राइक के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच 10 मई को सीजफायर हो चुका है, फिर भी पुलिस एहतियाती तौर पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसी दौरान नौमान इलाही के फोन नंबर से पाकिस्तान में संपर्क होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई।

मोबाइल से खुला आतंकी कनेक्शन

पुलिस ने जब नौमान इलाही के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें पाकिस्तान में इकबाल नामक एक आतंकी के साथ संपर्क होने का पता चला। यह भी सामने आया कि नौमान इकबाल को भारत की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भेज रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसने किस प्रकार की और कितनी खुफिया जानकारी साझा की थी।

सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए मिली नौकरी

पुलिस की पूछताछ में नौमान ने बताया कि पानीपत की फैक्ट्री में नौकरी करने के दौरान ही वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले रजनीश तिवारी नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आया था। रजनीश एक सिक्योरिटी एजेंसी चलाता है और उसी के माध्यम से नौमान को पानीपत के सेक्टर 29 स्थित एक कंबल फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिली थी।

पुलिस को नौकरी पर संदेह

पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें संदेह है कि नौमान ने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी सिर्फ इसलिए की थी ताकि वह खुद को एक सामान्य नागरिक के तौर पर पेश कर सके और किसी के शक के दायरे में न आए। पुलिस को आशंका है कि उसका असली काम यहां रहकर देश की हर छोटी-बड़ी गतिविधि की जानकारी दुश्मन देश पाकिस्तान को पहुंचाना था। पुलिस को यह भी शक है कि वह पिछले काफी समय से पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था और इस बारे में जल्द ही विस्तृत खुलासा किया जा सकता है।

माता-पिता की हो चुकी है मौत

शुरुआती पूछताछ में नौमान ने पुलिस को बताया कि उसके पिता अहसान इलाही और माता कोसर बानो का लगभग 5 साल पहले निधन हो चुका है। उसकी बहन की शादी पानीपत में होने के कारण वह करीब 4 महीने पहले ही पानीपत आ गया था। हालांकि, वह पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में कब और कैसे आया, इस बारे में पुलिस अभी भी गहन पूछताछ कर रही है।

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