US India Trade Deal: "आत्मविश्वास ही राष्ट्र निर्माण की असली शक्ति..." PM मोदी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मविश्वास को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा है कि यही शक्ति विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगी। पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए यह संदेश दिया।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ ही घंटों पहले भारत और अमेरिका के बीच एक अहम व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है।

पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में कहा कि देश के नागरिकों का आत्मविश्वास ही वह ऊर्जा है, जो भारत को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसका भावार्थ है कि धन और समृद्धि नेक कार्यों से अर्जित होती है और साहस, कौशल व अनुशासन के साथ राष्ट्र की प्रगति में योगदान देती है।
आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 3, 2026
श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते।
दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ pic.twitter.com/FcQqHbSvI9
प्रधानमंत्री ने श्लोक के माध्यम से यह संदेश दिया कि साहस और आत्मविश्वास से समृद्धि बढ़ती है, कौशल और दक्षता उसे स्थिर रखते हैं और अनुशासन उसे देश की उन्नति के लिए उपयोगी बनाता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या हुआ तय
इससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स पर पोस्ट कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी दी थी। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना “सबसे अच्छा दोस्त” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच यह समझौता आपसी दोस्ती और सम्मान के आधार पर हुआ है।
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर भारत पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को कम करने का फैसला लिया गया है। हालांकि शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट से दोनों नेताओं के बीच बातचीत और सहमति की पुष्टि हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ट्रेड डील से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
